पाबौ ब्लाक की खातस्यूं एवं एकेश्वर ब्लाक की मवालस्यूं पट्टी को जोड़ने के लिए छह साल पहले स्वीकृत पुल नहीं बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को 17 किमी तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पाबौ ब्लाक की खातस्यूं और एकेश्वर ब्लाक की मवालस्यूं पट्टी के गांवों को जोड़ने के लिए वर्ष 2009-10 में सीकू-कंडेरी-मासौ सड़क स्वीकृत हुई थी। उसी दौरान इस सड़क में नैल बाजार के नजदीक नयार नदी में मोटर पुल भी स्वीकृत किया था।
सीकू से नयार नदी के किनारे तक सड़क बन चुकी है। दूसरी तरफ मासौ से नयार नदी के किनारे से कुछ दूर तक सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन पुल अब तक नहीं बन पाया है। इससे ग्रामीणों को सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पुल के नहीं बनने से एक तरफ मवालस्यूं, नैल, पांग समेत कई गांवों के लोग पौड़ी पहुंचने के लिए ज्वाल्पा होते हुए आते हैं। पाबौ होते हुए आने पर उन्हें 38 किमी और ज्वाल्पा होते हुए आने में करीब 60 किलोमीटर सफर करना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ खातस्यूं पट्टी के कंडेरी, सीकू, चोरकंडी, बहेली, गढ़ मोहन समेत कई गांवों के लोगों को ब्लाक मुख्यालय पाबौ जाने के लिए मांडाखाल होते हुए जा रहे हैं। इस मार्ग से पाबौ पहुंचने के लिए उन्हें 35 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
खातस्यूं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेेश सिंह, पाबौ के कनिष्ठ उप प्रमुख बीएम रावत कहते हैं कि सीकू-कंडेरी-मासौ में स्वीकृत पुल व अवशेष सात सौ मीटर सड़क बन जाए तो इस मार्ग से मवालस्यूं पट्टी से पौड़ी की दूरी 38 मात्र किमी हो जाएगी। खातस्यूं पट्टी के कंडेरी, चोरकंडी, बहेली आदि गांवों से पाबौ ब्लाक मुख्यालय की दूरी भी घटकर 17 किलोमीटर ही रह जाएगी।