सिगड्डीसोत व मैहलीसोत नदियों के पास के मार्ग टूटने से लालढांग मार्ग 25 जून से ठप है, यूपी होते हुए हो रही आवाजाही
लैंसडौन वन प्रभाग के लालढांग रेंज में बहने वाली बरसाती नदी सिगड्डीसोत से चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर और जंगल में जबरदस्त भू-कटाव हो रहा है। भू-कटाव से एक बार फिर इस मार्ग पर करीब 100 मीटर का पैच बहने के कगार है। जल्द भू-कटाव रोकने के इंतजाम नहीं हुए तो नदी का मोड़ जंगल की ओर होने की आशंका बनी है। इससे बड़े पैमाने पर वन संपदा को भी नुकसान की आशंका है।
चिलरखाल-लालढांग मार्ग के 11 किमी के पैच पर दो बड़ी बरसाती नदियां सिगड्डीसोत व मैहलीसोत बहती हैं। सिगड्डीसोत नदी से हो रहे जबरदस्त भू-कटाव से बीते वर्षों में सड़क व जंगलों को काफी नुकसान हुआ। लालढांग मार्ग पर कटाव के कारण करीब 100 मीटर सड़क एक बार फिर से बहने के कगार पर है। बीती 25 जून से चिलरखाल-लालढांग के बीच की इन नदियों के पास की सड़क टूटने से आवाजाही ठप पड़ी है। यात्री वाहन यूपी होते हुए हरिद्वार और देहरादून के लिए आवाजाही कर रहे हैं। जरूरी काम से स्थानीय लोग पैदल और बाइक से आवाजाही करने को मजबूर हैं। बरसात कम होने पर स्थानीय ग्रामीण मार्ग को आवाजाही लायक बनाने की मांग वन विभाग और विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से कर रहे हैं। उधर, रेंज अधिकारी अजय ध्यानी का कहना है कि मार्ग पर आवाजाही लायक बरसात के बाद ही बनाया जा सकेगा। बार-बार नदियों में उफान आने से सड़क टूटती रहेगी।
मलबा आने से लोनिवि दुगड्डा, लैंसडौन और बैजरो की 15 सड़कें बंद
कोटद्वार। पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से लोनिवि की सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। बुधवार सुबह हुई बारिश से लोनिवि दुगड्डा की पांच, लैंसडौन की छह और बैजरो की चार सड़कें मलबा आने के कारण बंद रही। जिससे दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। लोनिवि की ओर से जेसीबी मशीनें लगा बंद सड़कों के खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है।