जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दहेज हत्या के आरोप में पति और सास-ससुर को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। पौड़ी जनपद के मल्ला बदलपुर पट्टी के ग्वांण वल्ला गांव निवासी मथुरा प्रसाद बड़थ्वाल की बेटी कृष्णा का विवाह मई 2014 में पौड़ी तहसील के क्वाराली गांव के विवेकानंद के साथ हुआ था। आरोप है कि ससुरालियों ने विवाह के कुछ ही दिन बाद से कृष्णा का दहेज के लिए उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था और शादी को सात माह पूरे होने से पहले ही कृष्णा को जहर देकर मार दिया गया। न्यायालय में प्रस्तुत चार्जशीट के अनुसार कृष्णा का पति सेना में तैनात था।
दिसंबर 2014 में कृष्णा ने अपने मायके फोन कर बताया कि उसके ससुराल वाले उसे देहरादून में किसी डाक्टर के पास ले गए हैं, जहां उसे बताया गया कि दवा खाने से उसका बेटा होगा। कृष्णा ने वह दवाई खाने से इंकार कर दिया।
इसके बाद अगले दिन कृष्णा को उसका पति और सास-ससुर गांव ले आए। घर पहुंचने के बाद रात को कृष्णा ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उसे ससुराल वालों ने जबरदस्ती कोई दवा पिला दी है, जिससे उसके पेट में काफी जलन है। कृष्णा के पिता (जो कि हिमाचल में नौकरी करते थे) ने जब अपनी बेटी को फोन किया, तो उन्हें उसके चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने अपनी पत्नी को बेटी के ससुराल जाने के लिए कहा। अगली सुबह कृष्णा की मां बेटी के ससुराल के लिए रवाना हो गई।
रास्ते में उसे पुलिस के एक सिपाही ने फोन कर बताया कि उनकी बेटी बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बेटी मृत मिली, जबकि ससुराली अस्पताल में उसके शव को छोड़कर भाग गए थे। अगले दिन मृतका की मां की ओर से पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन की अदालत ने मामले में मृतका के पति विवेकानंद, ससुर जयनंद खंडूड़ी और सास विमला देवी को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई।