कोटद्वार के निर्माणाधीन बेस अस्पताल की दीवार गिरने के बाद दोबारा निर्माण करते मजदूर
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यहां शनिवार देर शाम राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के पास बन रहे बेस अस्पताल में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब वहां निर्माणाधीन 10 फीट ऊंची दीवार भरभराकर धराशायी ढह गई। इस दौरान बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूरों ने भाग कर जान बचाई। अधिकारी अपनी नाकामी को छिपाते हुए इस घटना को सामान्य बता रहे हैं और दीवार ढहने के लिए एक मजदूर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि क्षेत्रीय जनता निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है।
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के पास ही बेस अस्पताल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इन दिनों भवन की दीवारों का निर्माण कार्य चल रहा है। बताया जाता है कि जो दीवार ढही है, वह करीब 10 फीट ऊंची बन चुकी थी। यह संयोग रहा कि कोई भी मजदूर इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
कार्यदायी संस्था के उच्चाधिकारियों ने घटना की जांच के बाद इसे सामान्य घटना बताया। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इससे पहले भाबर क्षेत्र के लोकमणिपुर में भी घटिया निर्माण के चलते पुल ढह गया था।
पार्टी ने सोमवार से घटिया निर्माण कार्यों की जांच को लेकर झंडाचौक पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। ग्राम प्रधान जशोधरपुर शैलेंद्र डबराल, सामाज सेवी सुनील मैंदोला, दिनेश चंद्र जोशी व ग्रामीण राकेश ध्यानी आदि का कहना है कि क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने इनकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाने की मांग की।
इनका कहना है
कार्यदायी संस्था निर्माण निगम देहरादून के जूनियर इंजीनियर एसपी पुंडीर का कहना है कि वह रोज निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। यह घटना मजदूर की लापरवाही से हुई है। दीवार करीब दस फीट थी, जिस पर सपोर्ट के लिए सटरिंग लगाई गई थी। एक मजदूर ने गलती से सटरिंग को छेड़ दिया और दीवार गिर गई। कहा कि दीवार बने अभी करीब चार से पांच दिन हुए थे।