कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए सकारात्मक नजरिया भी जरूरी होता है और जब हर समय ताजगी का एहसास हो तो नकारात्मक भाव आसपास भी नहीं फटकते। कुछ ऐसी ही सोच के साथ बेस अस्पताल परिसर में वेस्ट मटीरियल से हर्बल गार्डन विकसित किया जा रहा है। इसमें वाटर फॉल के अलावा वर्मी कंपोस्ट बनाने की भी व्यवस्था की गई है। यहां बहुवर्षीय सजावटी पौधों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
राजकीय बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर बने हर्बल गार्डन को अब नया रूप दिया जा रहा है। अस्पताल की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी संजू नेगी ने यहां वेस्ट मटीरियल से करीब पांच फिट ऊंचा और तीन फिट चौड़ा वाटर फॉल बनाया है। पुराने प्लास्टिक के डिब्बे, थर्माकोल शीट्स, सूती कपड़े का इस्तेमाल कर उस पर सीमेंट का लेप कर आकृति दी गई है। वाटर फॉल को ऐसी जगह स्थापित किया है, जहां पानी की पाइपलाइन है। रिसाइकिलिंग व्यवस्था के साथ वाटर फॉल में पानी का उपयोग किया जाएगा। हर्बल गार्डन में एक पुरानी टंकी को रखकर उस पर सीमेंट का लेप कर नया रूप दिया गया है। इसमें जैविक कचरा डालकर केंचुए छोड़े जाएंगे। इनसे बनने वाली खाद हर्बल गार्डन, अस्पताल और आवासीय परिसर के गमलों में प्रयोग की जाएगी।
सजावटी और औषधीय पौधे बनेंगे आकर्षण
हर्बल गार्डन में वर्षों पुराना बुश पाम त्रिशुल के रूप में नजर आएगा। इसके अलावा लैमन ग्रास, एलोवेरा, कपूर, जीनिया, अजवाइन, कड़ीपत्ता, अश्वगंधा, नींब, आंवला, सहजन, हरी एवं श्यामा तुलसी, केला आदि औषधीय पौधे लगाए जा रहे हैं।
मुझे गार्डनिंग का शौक है। सीएमएस डॉ. राजीव पाल और प्रबंधक बीएस रावत की प्रेरणा से अनुकरणीय कार्य करने के लिए आत्मबल मिला। -
संजू नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, बेस अस्पताल कोटद्वार
हर्बल गार्डन में कुछ अच्छा और नया करने का प्रयास है। जिसे देखकर अस्पताल आने वाले मरीजों के मन में सकारात्मकता का भाव जागे, उन्हें आत्मबल मिले। -डॉ. राजीव पाल, सीएमएस, बेस अस्पताल कोटद्वार