पर्यटन नगरी लैंसडौन में गुलदार की दहशत थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार शाम गुलदार आबादी के बीच स्थित धर्मशाला के गेट के पास की चट्टान पर आ धमका और काफी देर तक बैठा रहा। गुलदार को देखकर लोगों के होश फाख्ता हो गए। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने शोर मचाया तो गुलदार भाग गया।
लैंसडौन के सदर बाजार स्थित हिंदू पंचायती धर्मशाला के प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि रविवार शाम 7:30 बजे अचानक एक गुलदार धर्मशाला के गेट के सामने आ धमका और यहां चट्टान पर बैठ गया। इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही रात 9 बजे तक रहती है। सबसे पहले एक युवक पुष्पराज की नजर चट्टान पर बैठे गुलदार पर पड़ी। वह डर के मारे चुपचाप दबे पांव लौट गया। उस पर गुलदार की नजर नहीं पड़ी। इस दौरान धर्मशाला में कई अन्य लोग थे। गुलदार को देख धर्मशाला में टिके पर्यटक खौफ में आ गए। सभी ने शोर मचाया और गुलदार वहां से भाग गया।
वहीं छावनी परिषद के सफाई कर्मचारी विकास कुमार ने बताया कि शाम को 6:30 बजे जब वह बाइक से घर के लिए जा रहे थे तो तहसील रोड स्थित मोड पर गुलदार नजर आया। बाइक की स्पीड तेज कर वह वहां से भागे और अपनी जान बचाई।
वन दरोगा प्रवीण रावत और कुलदीप नौडियाल ने बताया कि उनकी टीम अलग-अलग स्थलों पर गश्त कर रही है। गुलदार अपनी लोकेशन बदल रहा है जिससे लोगों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने लोगों से शाम के समय सतर्कता से आवाजाही करने की अपील की। कहा कि वन विभाग की ओर से गश्त की जा रही है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक जौहरी ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग डीएफओ लैंसडौन से की है।