मेयर हेमलता नेगी ने जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) में नक्शा पास कराने के मामले में अधिकारियों की मनमानी और अवैध वसूली पर गहरी नाराजगी जताते सरकार से डीडीए को जनहित में समाप्त करने की पैरवी की।
भाबर क्षेत्र के मोटाढांक स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने क्षेत्रीय जनता को उनकी नगर निगम से संबंधित समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया। कहा कि वर्तमान में नगर निगम में कूड़े का निस्तारण चुनौती बना हुआ है। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूखंड के आवंटन की मांग प्रदेश सरकार से की गई है। लावारिस पशुओं की समस्या को राष्ट्रव्यापी समस्या बताते हुए उन्होंने कहा कि लावारिस पशुओं के संरक्षण, चारे, पानी और रखरखाव की व्यवस्था के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार को अलग से फंड की व्यवस्था करनी होगी। कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही नगर निगम के विकास के लिए पर्याप्त बजट देने की मांग को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर उन्होंने जनसमस्याएं भी सुनी। बैठक में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, विमला रावत, माया रानी, सरोज देवी, ऊषा देवी, रेखा नेगी, आशा देवी, शांति देवी, सुनीता देवी, पदमा भंडारी, ओम प्रकाश कोटला, बलवीर सिंह रावत, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, सुदर्शन सिंह, अमर सिंह, प्रेम सिंह रावत, राजे सिंह आर्य, महावीर चौहान, देवेश बुड़ाकोटी, विलोचन सिंह रावत, लच्छीराम, विजय नेगी, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, गणेश नेगी, सतेंद्र सिंह, विनोद नेगी आदि मौजूद रहे।