कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के नींबूचौड़ में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य राकेश चंद्र लखेड़ा ने भगवान शिव और माता सती के संवाद का संगीतमय वर्णन किया। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आचार-विचार के बिना मन की शुद्धि और सच्ची भक्ति संभव नहीं है। उन्होंने मानव जीवन में भक्ति, ज्ञान, श्रद्धा और प्रेम को ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग बताया। कहा कि प्रेम, भक्ति और ज्ञान से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान पंडित देवेंद्र ध्यानी और पंडित अमित बडोला ने मुख्य पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जबकि दुर्गा कीर्तन मंडली के भजनों ने माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। इस धार्मिक अनुष्ठान में जानकी देवी, आशा नेगी, शांति देवी, भामा थपलियाल, बबली देवी, उर्मिला देवी आदि उपस्थित रहे। संवाद