कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक में 11 अक्तूबर को होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस बार दुगड्डा ब्लॉक में प्रमुख पद महिला सामान्य के लिए आरक्षित है। भले ही ब्लाक प्रमुख का चुनाव बीडीसी सदस्य बाद में करेंगे, लेकिन यहां बीडीसी सदस्य का चुनाव अभी से ब्लाक प्रमुख के लिए जोड़तोड़ के हिसाब से लड़ा जा रहा है। अभी तक ब्लॉक प्रमुख के लिए चार प्रत्याशियों की दावेदारी चर्चा में है। निवर्तमान प्रमुख संगीता बिष्ट भी प्रमुख की दौड़ में शामिल हैं। इसके अलावा यहां राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा और जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।
वर्ष 2014 में दुगड्डा ब्लॉक में प्रमुख पद सामान्य के लिए था। तब कांग्रेस के सुरेश असवाल ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। आठ दिसंबर 2017 को शासन ने कोटद्वार नगर पालिका का विस्तार करते हुए नगर निगम बनाने की घोषणा कर दी। सनेह का क्षेत्र नगर निगम में शामिल होने के कारण सुरेश असवाल को अध्यक्ष पद से हटना पड़ा। इसके बाद ज्येष्ठ प्रमुख रही संगीता बिष्ट ब्लॉक प्रमुख चुनी गईं। संगीता बिष्ट इस बार भी ब्लॉक प्रमुख की दौड़ में शामिल हैं और वह पौखाल क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस नेता और राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा सरोजनी कैंत्यूरा की पुत्र वधू रुचि कैंत्यूरा भी ब्लॉक प्रमुख की दौड़ में शामिल हैं। वह भेल्डा वार्ड से बीडीसी सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि रुचि कैंत्यूरा की अभी तक राजनीति में सक्रिय भागीदारी नहीं रही है, लेकिन उनकी सास कांग्रेस की कद्दावर नेता हैं, इसलिए उनकी दावेदारी को भी कम नहीं आंका जा रहा है। पूर्व में जिला पंचायत के उपाध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख और ज्येष्ठ प्रमुख रहे सुमन कोटनाला की पत्नी सुनीता कोटनाला भी ब्लॉक प्रमुख की दौड़ में शामिल हैं। सुनीता कोटनाला पुरानकोट सीट से बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। सुमन कोटनाला भाजपा से जुड़े हैं। उनकी पार्टी संगठन पर मजबूत पकड़ है। इसके साथ ही वह वन मंत्री और लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत के भी करीबी हैं। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी स्व. सुभाष रावत के छोटे भाई दिनेश रावत की पत्नी शैली रावत भी प्रमुख की दौड़ में शामिल हैं। शैली रावत भेल्डा वार्ड से चुनाव लड़ रही हैं। पेशे से अधिवक्ता दिनेश रावत वर्ष 2014 के चुनाव में ज्येष्ठ प्रमुख की दौड़ में शामिल थे। प्रमुख पद के दावेदार ये दिग्गज अभी से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से संपर्क साधे हुए हैं। ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन सभी दिग्गज अपनी साख बचाने और जोड़तोड़ में जुट गए हैं।