कोटद्वार। असम राइफल्स गौरव सेनानी वेलफेयर एसोसिएशन ने 14वीं असम राइफल्स के 66वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और बटालियन के शौर्य और पराक्रम को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान पांच वीर नारियों के साथ ही अन्य जनपदों से आए गौरव सेनानियों को अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।
पदमपुर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन बटालियन के ध्वजारोहण से हुआ। इस मौके पर एक मिनट का मौन रखकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पूर्व सैनिक मोहन बिष्ट ने बटालियन के शौर्य और पराक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कहा कि बटालियन ने अगस्त 1960 में नागालैंड के पुर युद्ध में 400 उग्रवादियों को परास्त किया। इस युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बटालियन के शहीद जवानों को 5 अशोक चक्र और यूनिट को सर्वोच्च पदक मिला। 1964 के युद्ध में एक अशोक चक्र के साथ बटालियन के वीरता के इतिहास को देश में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा। इस मौके पर यशपाल सिंह नेगी, राम स्वरूप रावत, पुष्कर सिंह, मंगल सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त वारंट ऑफिसर शोभन सिंह नेगी ने किया।