लैंसडौन। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली पर्व पर गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों व उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अग्निवीरों, वीर नारियों और स्कूली बच्चों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों को दिवाली की शुभकामनाएं देने पहुंचे थे। उन्होंने गढ़वाल राइफल्स के बहुआयामी कक्ष में आयोजित सैनिक मिलन समारोह में सैनिकों व उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट का स्वर्णिम इतिहास रहा है। आजादी से पहले व स्वतंत्रता के बाद रेजिमेंट ने अपने साहस व शौर्य से न केवल देश वरन विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। रेजिमेंट की यह पहचान स्वर्णिम पृष्ठ पर अंकित है।
कहा कि उनकी पृष्ठभूमि भी सैन्य परिवार से जुड़ी है, इसलिए सेना व सैनिकों से उनका विशेष लगाव व भावनात्मक संबंध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सैनिकों का सम्मान बढ़ा है और देश की सरहद सैनिकों की मजबूत चौकसी के कारण सुरक्षित है। प्रधानमंत्री मोदी की नई सोच व मजबूत इरादों से देश उन्नति के पथ पर निरंतर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य के बलिदान हुए सैनिकों को दी जा रही सम्मान राशि 10 से बढ़ाकर 50 हजार कर दी है। वीर नारियों के सशक्तीकरण के लिए भी राज्य सरकार योजना ला रही है। इस मौके पर गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने गढ़वाल राइफल्स के शौर्य व गौरवमयी इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर सीएम ने सैनिकों को मिठाई खिलाकर दिवाली की शुभकामनाएं दी। सीएम ने सैनिक दीर्घा में पहुंचकर सैनिक व उनके परिजनों को दिवाली की बधाई दी और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। सीएम करीब पौने दो घंटे तक सैनिकों के बीच रहे। इसके पूर्व सीएम धामी ने युद्ध स्मारक जाकर वीर सैनिक की प्रतिमा पर पुष्प चक्र चढ़ाकर बलिदानियों का भावपूर्ण स्मरण किया।
इस मौके पर उनके साथ विधायक दिलीप रावत, गोसवा आयोग के अध्यक्ष पंडित डॉ. राजेंद्र अंथवाल, डीएम आशीष चौहान, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित सेना के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।