कोटद्वार। चार महीने से खेतों में पानी नहीं पहुंचने से नाराज भाबर के तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समस्या का समाधान करने की मांग की।
बृहस्पतिवार को कोटद्वार महिला सामाजिक संस्था के बैनर तले भाबर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मवाकोट के ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने सिंचाई विभाग के विरोध में नारेबाजी की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर खेतों में सिंचाई व्यवस्था करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सिंचाई नहर कण्वाश्रम के पास मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण गोरखपुर, नंदपुर, मोटाढांक, मवाकोट, घमंडपुर, निबूचौड़ और तल्ला मोटाढांक तक खेतों में पानी नहीं आ पा रहा है। नहर को क्षतिग्रस्त हुए चार माह हो चुके हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग नहर की मरम्मत नहीं करा पा रहा है। इसके कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा था, अब गेहूं की फसल खराब होने की कगार पर है। सिंचाई विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से शीघ्र समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित करने की मांग की।
इस अवसर पर महिला सामाजिक संस्था की अध्यक्ष शांति थापा, महेश थपलियाल, कमल सिंह थापा, प्रेम सिंह चौहान, विनोद नेगी, भारत सिंह बिष्ट, खेम सिंह नेगी, गोविंद सिंह रावत, दिनेश गौड़, राजेश रावत, सुशीला देवी, राजेश्वरी देवी व विमला देेवी आदि मौजूद थे।
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