दुगड्डा (कोटद्वार)। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज की ओर से वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जन-जन को जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग की ओर से जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने पर त्वरित नियंत्रण के लिए क्षेत्रवासियों से सहयोग की अपील की है।
केटीआर व राजाजी टाइगर रिजर्व प्रभाग के मध्य लैंसडौन वन प्रभाग प्रकृति की अनमोल धरोहर के रूप में जानी जाती है।
वन प्रभाग के पर्वतीय क्षेत्र में आरक्षित वन क्षेत्र के आसपास बसे गांवों में वन्य जीवों की आवाजाही ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण तो बनती ही है, वहीं ग्रामीणों द्वारा अपने खेतों में खरपतवार को जलाने के दौरान आग आरक्षित वन क्षेत्र में पहुंचने से वनाग्नि की घटनाएं वन विभाग को खासा परेशान करती हैं। ऐसे में वन विभाग की ओर से जनता को जागरूक करने के लिए साझासैंण, आमसौड़, फतेहपुर, गोदी छोटी, हनुमंती, मटियाली क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद किया गया।
मंगलवार को पोस्टर, बैनर व लाउडस्पीकर आदि के माध्यम से जंगल के आसपास आग नहीं लगाने की अपील की गई। रेंज अधिकारी दुगड्डा उमेशचंद्र जोशी ने बताया कि दुगड्डा रेंज क्षेत्र में आग की घटनाओं पर अंकुश के लिए वन कर्मियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तापमान बढ़ने से आग लगने का खतरा बना हुआ है। जनजागरूकता के लिए ग्रामीणों से संवाद किया जा रहा है। जनता से अपील की गई है कि आग लगने की स्थिति में समय रहते नियंत्रण के लिए वन विभाग का सहयोग करें।