कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में महिला समेत पांच लोगों को अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने 3 जुलाई, 2016 के मामले में उक्त फैसला सुनाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 जुलाई, 2016 को तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक को मुखबिर ने सूचना दी थी कि सिगड्डी सिडकुल के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में अनैतिक व्यापार चल रहा है। एएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस, जब गेस्ट हाउस के दूसरी मंजिल पर पहुंची तो कमरे से एक महिला व चार पुरुषों की आवाजें आ रही थीं। एएसपी ने दरवाजा खुलवाया तो कमरे में एक महिला और एक व्यक्ति आपत्तिजनक हालत में मिले। जबकि एक अन्य व्यक्ति दरवाजे के पीछे छिपा हुआ था। पुलिस को देखकर कमरे में मौजूद लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। पुलिस आरोपियों को पकड़कर थाने ले आई और मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पांच गवाह पेश किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर घटना को संदेहास्पद माना। कहा कि अभियोजन पक्ष अभियुक्तगणों पर लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया