भाबर के किसानों को कृषि विभाग और उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम की धनौरी शाखा सोयाबीन का बीज नहीं मिल रहे हैं, जिससे काश्तकारों में रोष है।
वार्ड नंबर 35 के श्रीरामपुर इलाके के काश्तकार कुबेर जलाल ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि गत वर्ष सोयाबीन की फल पर कीड़ा लगने और तकनीकी कारणों से सोयाबीन का दाना छोटा पड़ गया था। कृषि विभाग में बीज उपलब्ध नहीं होने पर एक माह पहले उन्होंने उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम की धनौरी शाखा हरिद्वार को 15 क्विंटल बीज की डिमांड दी थी। बाद में डिमांड को बढ़ाकर 20 क्विंटल कर दिया था। कहा कि उन्होंने इस संबंध में पंत नगर विवि से भी संपर्क किया था। आरोप लगाते हुए कहा कि बीज उत्पादन अधिकारी और संयुक्त बीज उत्पादन अधिकारी की लापरवाही के चलते उनकी डिमांड को पंत नगर विवि को भेजा ही नहीं गया। अब विभाग बीज न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। ज्ञापन में उन्होंने कोटद्वार भाबर के किसानों को सोयाबीन का आधारीय बीज-1 उपलब्ध कराने की मांग की है।