सड़क के निर्माण के लिए किसानों से जमीनें तो ले ली गईं लेकिन मुआवजा देने के नाम पर विभाग अंजान बना बैठा है। ऐसे में किसानों को अपने मुआवजे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। दरअसल विभाग इस बात का ब्योरा नहीं जुटा पा रहा है कि कितने किसानों को कितना-कितना मुआवजा देना है।
उल्लेखनीय है कि सड़कों के निर्माण के लिए विभाग की ओर से लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जाता है। अधिग्रहीत जमीन के बदले में विभाग लोगों को मुआवजा देता है। पिछले तीन वर्षों से विभाग की ओर से पहले चरण की स्वीकृति में ही किसानों को जमीन के मुआवजे का वितरण किया जाता है। इसके बावजूद गढ़वाल में लोक निर्माण विभाग की ओर से हजारों किसानों को सड़क निर्माण में लगी उनकी जमीन के मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।
लोक निर्माण के अनुसार, विभाग के पौड़ी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में से चमोली जिले में विभाग को 62 सड़कों के निर्माण में लगी 729 किसानों की जमीन का 3.29 करोड़ का भुगतान देना है। रुद्रप्रयाग जिले में 65 सड़कों के निर्माण में लगी 1191 किसानों की जमीन का 2.59 करोड़ का भुगतान देना है लेकिन पौड़ी जिले में विभाग को यह पता नहीं है कि उसकी कितनी सड़कों में किसानों को उनकी दी हुई जमीनों का मुआवजा देना है। विभाग के अनुसार एक साल पहले विभाग की ओर से 131 सड़कों का मुआवजे का वितरण नहीं किया गया था। विभाग को इन सड़कों के निर्माण में लगी 16429 किसानों की जमीन का 14.69 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित करना था। इसके बाद विभाग की तरफ से इसका ब्योरा तक संकलित नहीं किया गया है। जबकि जिले में हजारों किसान सड़कों में लगी अपनी जमीन के मुआवजे के लिए भटक रहे हैं।
कोट
मुआवजे के वितरण की स्थिति आए दिन बदलती रहती है। ऐसे में कितने किसानों के मुआवजे का वितरण होना शेष रह गया है यह बता पाना मुश्किल है। लोनिवि के प्रांतीय खंड में जल्दी ही इसका ब्योरा जुटाया लिया जाएगा।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रांतीय खंड पौड़ी