शादी समारोह में प्रशासन द्वारा शराब पिलाने की इजाजत के विरोध में मवाकोट की महिलाओं ने तहसील में एसडीएम के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए शराब के लिए दी जाने वाली इजाजत पर पाबंदी लगाने की मांग की। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को कोटद्वार महिला सामाजिक संस्था के बैनर तले भाबर क्षेत्र की ग्राम पंचायत मवाकोट की महिलाएं तहसील में एकत्र हुई। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन पर युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने का आरोप लगाया।
कहा कि शादी विवाह में पहले लोग छुप कर शराब का सेवन करते थे, लेकिन अब प्रशासन लोगों को शराब पिलाने की लिखित इजाजत दे रहा है, जिसके कारण शादियों और अन्य समारोह में खुले आम शराब का बार सज रहा है। बार में छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक साथ शराब का सेवन कर रहे हैं। युवा शराब के आदी बन कर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं।
संस्था की अध्यक्ष शांति थापा ने कहा कि एक तरफ क्षेत्र के युवा स्मैक की लत से बरबाद हो रहे हैं, वहीं बची हुई कसर प्रशासन ने बार लगाने की परमिशन देकर पूरी कर दी है। उनकी संस्था की ओर से ग्रामपंचायत में शराब पर अंकुश लगाने के अनेक प्रयास किए गए। शुरू में लोग डर के मारे शराब परोसने में हिचकिचा रहे थे, लेकिन, अब प्रशासन लोगों को खुले में शराब पिलाने की इजाजत दे रहा है, जिससे सरेआम शराब की बोतलें सज रही हैं और माहौल खराब हो रहा है, बच्चों पर इसका असर पड़ रहा है।
अगर, इस प्रकार शराब पिलाने की प्रथा बंद नहीं की गई तो क्षेत्र के युवा नशे के आदी हो जाएंगे, उनका भविष्य खराब हो जाएगा। उन्होंने शराब पिलाने के इजाजत पत्र पर अविलंब रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर संस्था सचिव भागीरथी देवी, सादेई देवी, सतेश्वरी देवी, मीना देवी, गीता देवी, कौशल्या देवी, शिब्बी देवी, अंजना कंडवाल, सर्वेश्वरी देवी, रजनी गौड़, शांति देवी, गीता देवी, मीनाक्षी गौड़, सुधा गौड़, माधुरी देवी आदि मौजूद थे।