कैंट बोर्ड के प्रवेश शुल्क और पार्किंग शुल्क के विरोध में क्षेत्र के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने रैली निकाल नगर में प्रवेश करने वाले वाहनों से लिए जा रहे शुल्क और नगर की सीमा पर थोपी गई पार्किंग वसूली का विरोध करते हुए दोहरी टैक्स प्रणाली को समाप्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि नगर में स्थित कई महत्वपूर्ण कार्यालयों में ग्रामीण बार - बार अपना काम कराने आते हैं। जिन वाहनों से वे आते है, नगर प्रवेश करने पर टोल ठेकेदार उनसे अभद्रता करते हैं और जबरन वसूली करते है। इससे नगर में आने वाले वाहन कम होते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि कैंट विभाग अनाप -शनाप कार्यों में नागरिक धन का दुरुपयोग कर रहा है। कैंट बोर्ड का कहना है कि वे अपने आय के स्रोत बढ़ाने के लिए कर लगा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से कैंट के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों में प्रधान संघ के अध्यक्ष हरिमोहन रावत, सूर्यदेव शाह, विपिन कुकसाल, कोटद्वार टैक्सी यूनियन अध्यक्ष एसएस रावत, जयहरीखाल यूनियन अध्यक्ष एसएस चौहान, मनमोहन असवाल, जयकृत, कल्याण सिंह, विनोद सिंह आदि मौजूद थे।