संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में सनातन संस्कृति के विभिन्न पक्षों एवं विज्ञान पर विचार संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि मेयर शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि युवा पीढ़ी अपने संस्कारों को भूलती जा रही है। हमें युवाओं में अच्छे संस्कार डालने के प्रयास करने चाहिए।
मुख्य वक्ता जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद महाराज ने कहा कि आजकल परिवारों में सामंजस्य की कमी होती जा रही है। टूटते परिवारों को बचाने की जरूरत है। बच्चे केवल किताबी पढ़ाई पर निर्भर रहते हैं। बच्चों को सामाजिक गतिविधियों में भी लगाने की जरूरत है।
व्यवहारिक व सामाजिक गतिविधियों में आगे नहीं आने से उनका बौद्धिक विकास नहीं होता। भारतीय नदी परिषद के अध्यक्ष रमन त्यागी ने कहा कि जल ही जीवन है। इसे बचाकर रखना है। इससे पहले परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया और परिषद के कार्यों को बताया। सचिव प्रदीप अग्रवाल, संयोजक मीनाक्षी शर्मा, मुख्यमंत्री रणनीतिक सलाहकार समिति के सदस्य मनु गौड़ ने भी विचार रखे। संचालन तोताराम पांथरी ने किया। इस दौरान संदीप अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा, राजेंद्र जखमोला, अनूप बड़थ्वाल, श्रीकृष्ण सिंघानिया, डीपी अग्रवाल, राजदीप माहेश्वरी, विष्णु अग्रवाल, सेवकराम मानुजा, सुभाष नैथानी आदि उपस्थित रहे।