कार्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी रेंज में तैनात दो वन कर्मियों को हाथियों के झुंड ने मार डाला। घटना से जहां उनके परिवार में कोहराम मचा है, वहीं वन विभाग ने वनों में सुरक्षा कारणों से अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता के रुप में पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
कार्बेट नेशनल पार्क के उपनिदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि बिजरानी पर्यटन जोन के मलानी ब्लॉक के कक्ष संख्या 12 में शुक्रवार को ग्राम कोटाबाग निवासी पंकज सिंह (32) और आमडंडा निवासी वीर सिंह (26) अपनी मोटरसाइकिलों से ड्यूटी के लिए गए थे। जब वे रात दस बजे तक नहीं पहुंचे तो उनकी जंगल में खोजबीन की गई। जंगल में उनकी बाइक पड़ी मिली। कुछ दूरी पर वे दोनों मृत पड़े मिले। घटनास्थल के पास ही हाथियों के झुंड मौजूद थे। सूचना मिलते ही उप निदेशक अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। हवाई फायरिंग कर हाथियों को जंगल में खदेड़ा गया। शनिवार तड़के तीन बजे कर्मचारियों के शव जंगल से बाहर लाए जा सके। शवों को पोस्टमार्टम के लिए रामनगर भेजा गया।
कालागढ़ से जाने वाले मार्ग संवेदनशील
डॉ. साकेत बड़ोला के अनुसार, बिजरानी, झिरना व कालागढ़ के जंगल संवेदनशील हैं। यहां हाथी सक्रिय हैं। घटना को देखते हुए कालागढ़ कोटद्वार व कालागढ़ मार्ग पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
हाथियों का कॉरीडोर है कालागढ़
कालागढ़ क्षेत्र एशियाई हाथियों का कॉरीडोर है। यमुना नदी की घाटी से राजाजी नेशनल पार्क से होते हुए ये हाथी रामगंगा नदी की घाटी में कालागढ़ पहुंचते हैं। यहां से ये कार्बेट नेशनल पार्क के विभिन्न हिस्सों में विचरण करते हैं।
वन्यजीवों का शिकार हो रहे वन कर्मचारी
कार्बेट नेशनल पार्क में तीन वर्ष में पांच कर्मचारी वन्यजीवों के हमले में मारे जा चुके हैं। इनमें दो कालागढ़ रेंज में कांदरु मंदिर के निकट मारे गए। एक सर्पदूली में बाघिन ने मौत के घाट उतारा। अब दो कर्मचारियों को हाथियों ने मार डाला। इससे पूर्व कालागढ़ निवासी एक महिला और रामगंगा