भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए खोह नदी के आसपास ही कर रहे विचरण
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर हाथियों के झुंड आबादी में धमक रहे हैं। शुक्रवार की रात हाथियों का एक झुंड डीएफओ आवास से सटे परिसर में धमक गया। वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें जंगल में खदेड़ा। सनेह मार्ग पर सिद्धबली मंदिर से लेकर कुंभीचौड़ तक हाथियों का उत्पात बना रहा। पूरी रात हाथियों का झुंड सिद्धबली मंदिर से सटे जंगल और खोह नदी में डटा रहा।
क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए हाथियों के कई झुंड खोह नदी से सटे इलाके में चहलकदमी कर रहे हैं। शुक्रवार की रात जहां हाथियों का एक झुंड लैंसडौन के डीएफओ आवास परिसर में धमक गया, वहीं दूसरे झुंड तिलवाढांग से लेकर पुलिंडा मार्ग तक उत्पात मचाते रहे। ग्रास्टनगंज, रामपुर व कुंभीचौड़ तक हाथियों की धमक बनी रही।
सूचना मिलते ही वन कर्मियों ने पटाखे छोड़कर उन्हें जंगल की ओर खदेड़ा। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत ग्रास्टनगंज में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह से हाथी झुंड बच्चों के साथ शाम ढलते ही आम खाने के लिए बगीचों में पहुंच रहे हैं। सिद्धबली मंदिर परिसर तक हाथियों की धमक से क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं में भय बना हुआ है।
सिद्धबली मंदिर, ग्रास्टनगंज और गिंवाई स्रोत क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों को शाम और रात के समय आवाजाही करते वक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
-विपिन जोशी, रेंज अधिकारी कोटद्वार