कोटद्वार/कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र के वार्ड नंबर-37 पश्चिमी झंडीचौड़ में इन दिनों हाथी, सूअर व बंदर काश्तकारों की चार माह की मेहनत को बरबाद कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जंगली जानवर खेतों में खड़ी धान, सोयाबीन, उड़द की फसल को नष्ट कर रहे हैं। क्षेत्र के काश्तकारों ने वन विभाग से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने व प्रभावित काश्तकारों को फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग उठाई है।
बुधवार रात को हाथी काश्तकार आनंद सिंह चौहान व भीम सिंह के खेत घुस गया और धान की फसल रौंद डाली। पार्षद सुखपाल शाह का कहना है कि भाबर क्षेत्र में 80 फीसदी से अधिक काश्तकार खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, लेकिन जंगल से सटे हुए वार्ड नंबर-37, वार्ड नंबर-39 पूर्वी झंडीचौड़ व वार्ड नंबर-40 जशोधरपुर में हाथी सुरक्षा दीवार न बनने से काश्तकारों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूअर व बंदर भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्ष 2022 में तीनों वार्डों में हाथी सुरक्षा दीवार बनाने के लिए प्रस्ताव दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजना संचालित कर रही है। वहीं, जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहा कि वन विभाग की ओर से रात्रि गश्त न किए जाने से जंगल से सटे इन वार्डों के किसान बहुत परेशान हैं। उन्होंने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने व प्रभवित काश्तकारों को फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र देने की मांग की है।