लैंसडौन/जयहरीखाल। जयहरीखाल ब्लॉक के अंतर्गत धौड़ा वल्ला समेत आसपास के गांवों में पिछले एक सप्ताह से हाथियों की दहशत है। बृहस्पतिवार को हाथियों के झुंड ने गांव में बड़े पैमाने पर बागवानी व साग सब्जी को नुकसान पहुंचाया है। हाथी झुंड ने केले व चारा पत्ती के पेड़ तहस नहस कर डाले। ग्रामीणों ने प्रभावित काश्तकारों को फसल क्षति का मुआवजा देने और हाथियों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
पूर्व प्रधान सुलेखा गौड़ व ग्रामीण रमेश चंद्र गौड़ ने बताया कि बृहस्पतिवार रात को पांच-छह हाथियों का झुंड गांव में धमक गया। इस दौरान हाथियों ने मुकेश कुमार गौड़, अनीता देवी, दाताराम, सुनीता देवी, राजेंद्र प्रसाद गौड, किशोर कुमार गौड़, दिनेश गौड़, नरेंद्र गौड़, हितेंद्र गौड़, धर्मेंद्र ध्यानी के केले के पेड़ तोड़ डाले। इसके अलावा ग्रामीणों के बांस, घोगसा, तिमला समेत चारा पत्ती के अन्य पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया। हाथियों ने ग्रामीणों के आंगन में बनाए चूल्हे भी क्षतिग्रस्त कर दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरा क्षेत्र लैंसडौन वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग और गढ़वाल वन प्रभाग की सीमा से सटा है। गांव में पहली बार हाथियों के धमकाने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। उधर, लैंसडौन के रेंजर राकेश चंद्र शाह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान के लिए क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त लगाई जाएगी।