कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र में सनेह क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-2 कुंभीचौड़ के रामपुर इलाके में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात को हाथियों ने एक काश्तकार की करीब तीन बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल रौंद डाली। करीब दो घंटे के कड़ी मशक्कत के बाद काश्तकार हाथियों को आबादी क्षेत्र से जंगल में खदेड़ सकें।
हाथियों की धमक से क्षेत्र के काश्तकार रात को चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर निवासी मोहन सिंह रावत ने बताया कि शनिवार रात को डेढ़ बजे के करीब तीन हाथी उनके खेतों में घुस गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हाथियों को आबादी क्षेत्र से जंगल में खदेड़ दिया, लेकिन एक घंटे बाद ही तीनों हाथी हरिकृष्णा स्रोत के पास हाथी दीवार को लांघकर एक बार फिर खेत में घुस गए। इस दौरान हाथी ने उनके तीन बीघा खेत में खड़ी फसल रौंद डाली।
कहा कि शाम ढलते ही हाथी आबादी क्षेत्र में धमक कर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे पूर्व भी गत 27 फरवरी की रात को एक हथिनी अपने बच्चे के साथ आबादी में धमक गई थी।हथिनी ने इस दौरान कई काश्तकारों की गेहूं की फसल रौंद डाली थी। कहा कि क्षेत्र में हाथियों की धमक से जानमाल का खतरा बना हुआ है।
काश्तकारों को अपनी फसलों को बचाने के लिए पूरी रात जागकर रखवाली करनी पड़ रही है और वह चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से उन्हें फसल क्षति का मुआवजा देने और हाथियों को आबादी क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए हाथी सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। रेंजर नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि रात को टीम को मौके पर भेजा गया था। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।