कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से सटे सनेह पट्टी के रामपुर गांव में हाथियों का उत्पात जारी है। बृहस्पतिवार रात को धमके छह हाथियों के झुंड ने गांव में कई काश्तकारों की गेहूं की फसल रौंद डाली और आम के पेड़ भी तहस-नहस कर दिए। पूरी रात हाथी झुंड गांव में डटे रहे। शुक्रवार सुबह टहलने के लिए निकले लोगों को भी हाथियों ने खूब दौड़ाया। लोगों ने भागकर किसी तरह जान बचाई। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने हाथियों को आबादी से दूर जंगल में खदेड़ने में सफलता हासिल की।
रामपुर निवासी मोहन सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की धमक बनी हुई है। बुधवार रात को जहां धमके दो हाथियों ने उत्पात मचाया। वहीं, बृहस्पतिवार रात को छह हाथियों का झुंड आबादी क्षेत्र में धमक गया। हाथियों ने सुदर्शन कोटनाला की 9 बीघा, सतीश नेगी की 10 बीघा और उनकी उनकी तीन बीघा गेहूं की फसल रौंद डाली। हाथियों ने गांव के पुष्कर सिंह नेगी के 8, कमल सिंह के 3 आम के पेड़ तोड़ डाले हैं। शुक्रवार सुबह 6:30 बजे कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को आबादी क्षेत्र से जंगल में खदेड़ने में सफलता मिली। इस दौरान हाथियों ने सुबह टहलने के लिए निकले लोगों को भी दौड़ा दिया। कहा कि क्षेत्र में दो माह से हाथियों का आतंक व्याप्त है। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों को नुकसान के एवज में मुआवजा देने के बजाए गेहूं उपलब्ध कराने की मांग भी की है। रेंजर बिपिन चंद्र जोशी ने बताया कि सनेह क्षेत्र के रामपुर में हाथी आबादी क्षेत्र में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में वनकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं।