कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के आपदा प्रभावित गांव आमसौड़ में पिछले एक सप्ताह से हाथी का आतंक बना हुआ है। हाथी जहां ग्रामीणों के चारा पत्ती के पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं खेतों में उगे गेहूं के पौधों को भी रौंद रहा है। ग्रामीण वन विभाग से वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने और हाथी को आबादी से दूर जंगल में खदेड़ने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीण इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि एक सप्ताह से गांव में हाथी की धमक बनी हुई है। रात को नौ बजे के करीब हाथी खोह नदी के रास्ते गांव में धमक रहा है और सुबह होने पर वापस जंगल में चला जा रहा है। हाथी ने उनके साथ ही ग्रामीण पूरण सिंह और कुंवर सिंह के चारा पत्ती के पेड़ों को तहस-नहस कर डाला। साथ ही खेतों में उगे गेहूं के पौधों को रौंद डाला। उन्होंने वन विभाग से हाथी को आबादी से दूर जंगल में खदेड़ने की मांग की है।
उधर, रेंजर उमेश जोशी ने बताया कि ग्रामीणों से गांव में हाथी के आने की सूचना मिली है। क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ा हाथी को आबादी से दूर जंगल में खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।