सनेह क्षेत्र के रामपुर में शुक्रवार की रात को एक हाथी ने उत्पात मचाया। उसने एक घर का गेट तोड़ दिया और नजदीक के खेत को चट कर दिया। हाथी ने लोगों को दौड़ा लिया। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। लोगों ने टिन बजाकर और हल्ला कर किसी तरह से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
रामपुर निवासी पुष्कर पाल सिंह रावत ने बताया कि शुक्रवार रात के करीब 12:30 बजे उसका परिवार सो रहा था। तभी हाथी के चिंघाड़ने और गेट टूटने की आवाज सुनकर वे जाग गए। उन्होंने ने बाहर की लाइट जलाई तो आंगन में विशालकाय हाथी को देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने मकान की छत पर चढ़कर हल्ला करना शुरू कर दिया। हाथी आंगन से पास के खेत में चला गया ।
उसने खेत में उगी फसल को चट करना शुरू कर दिया। कुछ लोग हाथी को भगाने के लिए गए तो हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद पूरे मोहल्ले के लोगों ने टिन बजाकर और हो हल्ला कर किसी तरह से हाथी को जंगल की ओर भगाया।
स्थानीय समाजसेवी मोहन सिंह रावत ने वन विभाग पर लोगों के जीवन को खतरे में डालने का आरोप लगाया। कहा कि रामपुर में हाथी की धमक रोकने के लिए हाथी सुरक्षा दीवार का कार्य पिछले एक वर्ष से ठप है। सोलर फेंसिंग भी तीन वर्ष से क्षतिग्रस्त है। आए दिन हाथी जंगल से निकलकर सीधे लोगों के घरों में पहुंच रहा है। जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।
कई बार वन विभाग को हाथी से सुरक्षा की मांग की गई, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई। लोग हाथी के खौफ के साए में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उन्होंने वन विभाग से पुष्कर पाल सिंह के हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की।
रामपुर में घर का गेट तोड़ने की जानकारी मिली है। पीड़ित का आवेदन प्राप्त होने पर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हाथी से सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।