कोटद्वार। कालागढ़ में उत्तराखंड वन विभाग की भूमि वापस लौटाने की कवायद शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कब्जे वाली भूमि का सीमांकन कर वन विभाग को हस्तांतरित किया जाना है। इस संबंध में कोटद्वार में एसडीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त सर्वे कराने पर सहमति बनी।
शिविर प्रबंध खंड, कालागढ़ के अधिशासी अभियंता की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने दो दिसंबर 2013 को कॉर्बेट नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व के भीतर अतिक्रमण नहीं होने देने के निर्देश दिए थे। इसके तहत सिंचाई विभाग की कालागढ़ स्थित कॉलोनियों में रह रहे अनधिकृत कब्जाधारियों को हटाने और संबंधित भूमि वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
वहीं, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के 24 सितंबर 2018 के आदेश के अनुपालन में कालागढ़ रामनगर मार्ग के उत्तर दिशा में स्थित 38.76 हेक्टेयर वन भूमि में से 30.53 हेक्टेयर भूमि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को हस्तांतरित की जानी है। पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2018 में रामनगर-कालागढ़ मोटर मार्ग के उत्तर दिशा में निवासरत सिंचाई विभाग के शेष 72 कर्मचारियों को दक्षिण दिशा में शिफ्ट किया जा चुका है। उत्तर दिशा स्थित केंद्रीय कॉलोनी और नई कॉलोनी में सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश का कोई कर्मचारी निवासरत नहीं है।
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31 अक्तूबर को कालागढ़ में होगा संयुक्त सर्वे
एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि 30 सितंबर 2026 को सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वन, सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों को भूमि का सीमांकन कर वन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कालागढ़ टाइगर रिजर्व के एसडीओ बिंदरपाल सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बताया कि 31 अक्तूबर को कालागढ़ में धरातलीय संयुक्त सर्वे प्रस्तावित किया गया है। कोटद्वार तहसील की ओर से तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी को अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संयुक्त सर्वे कर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।