शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के राजकीय हाईस्कूल बरसोली में उच्चीकरण के चार वर्ष बाद भी शिक्षकों के पद सृजित नहीं हो पाए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिना शिक्षकों के बच्चे आधी-अधूरी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। छात्रहित को देखते हुए छात्रों को अन्य विद्यालय में प्रवेश लेने को कहा गया है।
वर्ष 2012 में राजकीय जूनियर हाईस्कूल बरसोला को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा दिया गया था, लेकिन उच्चीकरण के चार वर्ष बाद भी शिक्षकों के पद सृजित नहीं हो पाए हैं। पूर्व में विभाग ने व्यवस्था के तौर पर दो शिक्षक तैनात किए थे, लेकिन अब उन्हें भी हटा दिया गया है। विभाग ने छात्रों को अन्य नजदीकी स्कूल में दाखिला लेने की सलाह दी है। जबकि यहां से सबसे नजदीकी विद्यालय जीआईसी हिसरियाखाल है।
उसकी दूरी चार किमी है। बरसोली के ग्राम प्रधान रामस्वरूप उनियाल ने कहा कि गांव में हाईस्कूल होने से कछ उम्मीद जगी थी, लेकिन विभाग यहां चार वर्ष तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं कर पाया। गांव के बच्चों को आठवीं के बाद शिक्षा के लिए चार किमी दूर हिसरियाखाल जाना पड़ रहा है।
कहा कि इस संबंध में शासन ने कई बार पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी एसएस बिष्ट ने कहा कि पद सृजन का मामला शासन में लंबित है। पहले यहां दो शिक्षकों को व्यवस्था के तौर पर तैनात किया गया था। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए छात्रों को अन्य नजदीकी विद्यालय में प्रवेश लेने का कहा है। पद सृजित होते ही विद्यालय में हाईस्कूल कक्षाओं को संचालन किया जाएगा।