द्वारीखाल ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत उतिंडा के राजस्व ग्राम भट्टी खोड़ा गांव में कई दिनों से पेयजल संकट बना है। स्थिति यह है कि ग्रामीण कई किमी. दूर स्थित प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सिलोगी-मौलाखाल-नैरूल मार्ग के मलबा से पेयजल स्रोत और पाइप लाइन मलबे में दब गई हैं, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल लाइन ठीक कराने की मांग की।
ग्राम प्रधान सीमा देवी, ग्रामीण पौदार सिंह, राजेंद्र सिंह, अनीता देवी, भागरथी देवी, अनूप सिंह आदि ने बताया कि इन दिनों लोनिवि लैंसडौन की ओर से सिलोगी-मौलाखाल-नैरूल सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की ओर से सड़क का मलबा जेसीबी से गांव के ऊपर फेंका जा रहा है। गत सप्ताह हुई भारी बारिश से मलबा बहकर पेयजल स्रोत कुत रौल में आ गया, जिससे पेयजल स्रोत मलबे से दब गया है। साथ ही गांव की पाइप लाइन भी मलबे में दब गई हैं, जिससे ग्रामीणों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। गांव में ग्रामीणों का मछली पालन का व्यवसाय भी इससे समाप्त हो गया है। उन्होंने विभाग से पेयजल स्रोत से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक कराने की मांग उठाई। उधर, ब्लाक प्रमुख द्वारीखाल महेंद्र सिंह राणा ने ग्रामीणों की मांग पर लोनिवि लैंसडौन के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्या का जल्द निराकरण करने का अनुरोध किया है।
कोट
पेयजल स्रोत से मलबा हटाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान जल्द कर दिया जाएगा। इस संबंध में सहायक अभियंता को निर्देशित किया गया है। - विवेक सेमवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडौन।