जयहरीखाल। जल संस्थान के एक कर्मचारी को पिछले 10 माह से वेतन नहीं मिला है। आक्रोशित कर्मचारी ने विरोध स्वरूप सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे ब्लॉक मुख्यालय जयहरीखाल समेत आसपास के क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। जयहरीखाल संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने इस संबंध में लैंसडौन पहुंचकर एसडीएम शालिनी मौर्य को ज्ञापन सौंपकर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
लाइनमैन दीपक असवाल ने बताया कि उन्होंने मई, 2023 से काम करना शुरू किया था। अभी तक उन्हें महज पांच माह के वेतन का भुगतान हुआ है। पिछले दस माह के वेतन का भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में उन्होंने जेई को अवगत कराया, जिस पर उनके द्वारा एक-दो दिन के भीतर वेतन का भुगतान करने का भरोसा दिया गया, लेकिन आश्वासन के बाद भी उन्हें अभी तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया। कहा कि उन्हें साप्ताहिक अवकाश के अलावा अन्य अवकाश भी देय नहीं है। यहां यह भी बताते चलें कि जयहरीखाल ब्लॉक में जल संस्थान के पास एक मात्र नियमित कर्मचारी है। अन्य सभी कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखे गए हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के कार्य बहिष्कार के कारण सोमवार को जयहरीखाल बाजार समेत आसपास के गांवों में पेयजल की आपूर्ति ठप रही।
उधर, जयहरीखाल संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने ब्लॉक प्रमुख दीपक भंडारी के नेतृत्व में एसडीएम शालनी मौर्य से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जल संस्थान की ओर से जयहरीखाल बाजार क्षेत्र और आसपास के गांवों में महज आधा घंटे पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अब दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के कार्य बहिष्कार के चलते पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जेई कभी भी कार्यालय में नहीं बैठते हैं। उन्होंने कस्बे में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति के राजीव धस्माना, मंजीत रावत, ताजबर सिंह आदि शामिल रहे।