राष्ट्रीय बाल सुरक्षा, पीसीपीएनडीटी (गर्भावस्था पूर्व एवं प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण) राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य परीक्षण आदि कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने जिले में गिरते लिंगानुपात पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को जिले में संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र शेखर भट्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस मौके पर बताया गया कि जिले में पुरुष और महिलाओं के बीच लिंगानुपात की स्थिति 1000 के अनुपात में 890 है। जिलाधिकारी ने इसे चिंताजनक बताया। कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जिले में संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर समय-समय पर निरीक्षण करें। इस कार्य में उपजिलाधिकारियों का सहयोग लें। किसी भी सेंटर में गर्भावस्था पूर्व एवं प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण होते पाए जाने पर संबंधित सेंटर के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करें। बैठक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत इनकी नियमित जांच करने, लोगों में जन जागरूकता लाने के लिए स्कूलों में कार्यशालाएं आयोजित करने, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत बैठकों, बहु उद्देशीय शिविर में इसका प्रचार प्रसार करने, आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए निर्देशित किया गया।
सीएमओ डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि जिले में 1534 विद्यालयों में विद्यार्थियों का, आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 हजार से अधिक शिशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इस मौके पर परिवार नियोजन, कायाकल्प, 108 आपातकालीन सेवा, खुशियों की सवारी कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बैठक में डीईओ माध्यमिक हरेराम यादव, डीईओ बेसिक कुंवर सिंह रावत, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
आपातकालीन सेवा के लिए एंबुलेंस की मांग हो
बैठक में जिलाधिकारी ने सीएमओ को शासन से रिखणीखाल ब्लॉक के लिए 108 आपातकालीन सेवा की एक एंबुलेंस, कुंभ के दौरान यमकेश्वर ब्लॉक में एक अतिरिक्त एंबुलेंस की मांग करने के निर्देश दिए। कहा कि इन सेवाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर सेवा देना होना चाहिए।