पौड़ी में शराब ठेके के विरोध में सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में हंगामा हो गया। बच्चों सहित भारी संख्या में पौड़ी पहुंची निकटवर्ती गांवों की महिलाओं ने जिला आबकारी अधिकारी को घेर लिया। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने बीच बचाव करते हुए मामले को शांत करवाया। हंगामे को देखते हुए जिलाधिकारी ने दूसरी बार ठेका सील करने के आदेश जारी किए, जिसके बाद ठेका सील किया गया।
डीएम आफिस में 11 बजे से उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी चयन की बैठक में हंगामा चल रहा था। इस बैठक में जिलाधिकारी के अलावा एसएसपी व सीएमओ बैठे हुए थे, इसी दौरान शराब का विरोध कर रहा महिला संगठन डीएम आफिस में पहुंचा और हंगामा शुरू कर दिया। बिजाल संस्था की अध्यक्ष सरिता नेगी ने कहा कि डीएम के आदेश पर जब ठेका सील किया गया था तो किस तरह और किसके आदेश पर दुकान खोली गई।
इस दौरान आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा ने कहा कि उन्होंने खुद ही दुकान खुलवाई। इसके बाद कार्यालय में जबर्दस्त हंगामा हो गया। इससे पहले कि नौबत हाथापाई तक पहुंचती, मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामला शांत करवाया। जिलाधिकारी ने तुरंत आदेश जारी किए कि पुलिस ठेके को सील करें। डीएम के आदेशों के बाद एसएसपी मुख्तार मोहसिन ने तुरंत इंस्पेक्टर केएस भट्ट को बुलाकर दुकान सील करवाई। नगर पालिका के अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने भी शराब ठेका का विरोध करते हुए तुरंत ठेका सील करने को कहा।
पुलिस के पास पहुंची महिलाओं को धमकाने की शिकायत
इस दौरान कुछ महिलाओं ने एसएसपी से शिकायत की कि गांवों में महिलाओं को शराब माफियाओं द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस पर एसएसपी ने कहा कि यदि किसी महिला को धमकाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, उसी समय कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर एडवोकेट अशोक बिष्ट, नीमा कुकरेती, गांव रछुली से मालती देवी, गीता देवी, सावित्री देवी, मक्केश्वरी देवी, शांति देवी सहित कमेडा, रिठाई, कोट, कोटसड़ा, श्रीनगर की महिलाएं मौजूद रहीं।