कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल के थापला गांव निवासी धनेश्वर द्विवेदी का नाम बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित पांचवें वैश्विक संस्कृत सम्मेलन के 14वें तकनीकी सत्र में शोधपत्र प्रस्तुति के लिए शामिल किया गया। गढ़वाल विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर, बादशाहीथौल के संस्कृत विभाग के शोधार्थी की यह उपलब्धि उनकी अकादमिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
धनेश्वर का जन्म सात अक्तूबर 1996 को थापला गांव में हुआ। उनके पिता राकेश द्विवेदी किसान एवं माता बीना देवी कमलपुर स्थित जनता इंटर कॉलेज में भोजन माता हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा। प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय, सराईखेत से प्राप्त कर रीठाखाल स्थित संस्कृत विद्यालय में अध्ययन किया। कक्षा सात में असफलता मिलने के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या बदली और नियमित मेहनत की। आगे चलकर उत्तर मध्यमा की परीक्षा में विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए।
उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने हरिद्वार के आश्रमों में सेवा भी की। उन्होंने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से शिक्षा शास्त्री, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से संस्कृत साहित्य में स्नातकोत्तर और हिंदी साहित्य में एमए की उपाधि प्राप्त की। द्विवेदी साहित्य लेखन और संपादन से भी जुड़े हैं। उनकी दो दर्जन से अधिक लेख और कविताएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें बाल कवि सम्मान-2018 और युवा प्रतिभा दीपशिखा सम्मान-2019 से सम्मानित किया जा चुका है।