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कोटद्वार। सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर में राज्य आंदोलनकारी व समाज सेवी स्व. सुधा सती की स्मृति में शिवमहापुराण ज्ञान यज्ञ शुरू हो गया है। नौ दिनों तक चलने वाले यज्ञ के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकाली। वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोचारण कर कलश की स्थापना की। कथावाचक आचार्य राकेश लखेड़ा ने कहा कि भगवान शंकर की सच्ची श्रद्धा के साथ पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर वैराग्य व त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। सभी के परमपिता तो भगवान शिव ही हैं। संवाद