लैंसडौन विधायक दिलीप रावत ने लैंसडौन सिविल एरिया के विकास में छावनी नियमों को बाधक बताया। उन्होंने कहा कि सिविल क्षेत्र का प्रशासनिक अधिकार नगर पंचायत को सौंपे जाने से ही छावनी का विकास संभव है।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक दिलीप रावत ने कहा कि देश की 62 छावनियों की सिविल आबादी की प्रशासनिक व्यवस्था नगर पंचायत या नगर पालिकाओं के हवाले करने के बारे में रक्षा मंत्रालय गंभीर है। जल्द ही रक्षा मंत्रालय की ओर से छावनी वाशिंदों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करते हुए या फिर छावनी अधिनियमों में संशोधन कर इसे सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छावनी क्षेत्र का विकास छावनी अधिनियमों की जटिलताओं के चलते बाधित हो रहा है। इस व्यवस्था से मुक्ति दिलाने की मांग देश भर की छावनियों से लगातार उठ रही है। इस संबंध में उनकी ओर से और सांसद तीरथ सिंह रावत की ओर से भेजे गए सुझाव में सिविल जनता को विकास की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए छावनी के सिविल क्षेत्र को नगर पंचायतोें को सौंपे जाने या छावनी अधिनियमों को सरल बनाने का आग्रह रक्षा मंत्री से किया गया है।