कोटद्वार। एनएचएआई विरोध संघर्ष समिति सनेह पट्टी ने एनएचएआई और तहसील प्रशासन की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के मकानों के ध्वस्तीकरण के विरोध में तहसील में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मामले में उचित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और आर्बिट्रेशन की कार्रवाई पूरी होने तक प्रभावित परिवारों के मकानों का ध्वस्तीकरण न करने व जमीनों का अधिग्रहण न करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एसडीएम सोहन सिंह सैनी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
बृहस्पतिवार को सनेह पट्टी के पीड़ित परिवार तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने समिति के अध्यक्ष आशीष रावत के नेतृत्व में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने कहा कि एनएच बाईपास के लिए प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। सरकार की ओर से दिए जा रहे मुआवजे से संतुष्ट न होने के कारण प्रभावित लोग आर्बिट्रेशन में गए हैं।
कहा कि आर्बिट्रेशन में सुनवाई से पहले ही एनएचएआई और तहसील प्रशासन की ओर से अनुचित ढंग से मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है, जो न्याय संगत नहीं है। कहा कि एनएच एक्ट 1956 के अनुसार सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट न होने पर पीड़ित पक्ष आर्बिट्रेशन में जाने के लिए स्वतंत्र है।
कहा कि आर्बिट्रेटर ने अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन प्रशासन की ओर से पुलिस बल के साथ लोगों को डरा धमका कर उन्हें घरों से बाहर निकालकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। सरकार की ओर से पीड़ित लोगों को अभी तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है और न ही पीड़ित पक्ष की ओर से इस संबंध में एनओसी दिया गया है। प्रदर्शन करने वालों में विजेयश्वरी देवी, पवेत्री देवी, प्रसन्न, रुखसाना देवी, संतोषी, सरोजनी, कौशल्या देवी, मन बहादुर आदि शामिल रहे।