यमकेश्वर ब्लाक में धारकोट-डेवराणा के बीच 11केवी एचटी लाइन पर करंट लगने से हुई विद्युत कर्मी की मौत की जांच ऊर्जा निगम का इलेक्ट्रीकल इंस्पेक्टर करेगा। उसकी रिपोर्ट के बाद ही मृतक आश्रितों को मुआवजा मिल सकेगा। उधर, दूसरी ओर इस प्रकरण में ऊर्जा निगम ने विभागीय जांच एसडीओ प्रशांत जुयाल को सौंप दी है। शुक्रवार को राजस्व पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर उसका हरिद्वार जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत कर्मी रमेश की मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यमकेेश्वर के उदयपुर पल्ला के पटवारी बृजभूषण बमराड़ा ने बताया कि बृहस्पतिवार देर शाम मृतक विद्युत कर्मी के शव को हाईटेंशन लाइन से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार भिजवा दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने हरिद्वार में ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।
विद्युत कर्मी की मौत केे लिए परिजनों और ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि रमेश शटडाउन लेने के बाद ही एचटी लाइन में फाल्ट ठीक करने के लिए चढ़ा था, लेकिन कस्याली बिजली घर से शटडाउन नहीं दिया गया। जिसके चलते उसकी जान चली गई। मृतक के पिता पूर्व सैनिक अमर सिंह पंवार, चचेेरे भाई उदय सिंह पंवार, कसाण के प्रधान गुलाब सिंह, बीडीसी मेंबर विजेंद्र सिंह ने इस मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसडीओ प्रशांत जुयाल ने बताया कि इलेक्ट्रीकल इंस्पेक्टर घटनास्थल के साथ ही कस्याली बिजली घर का निरीक्षण करेंगे। उनकी रिपोर्ट के बाद ही मुआवजे से संबंधित कार्रवाई की जाएगी।