दुगड्डा (कोटद्वार)। ब्लॉक के आमसौड़ गांव में बदहाल हो रही सिंचाई योजना को लघु सिंचाई विभाग से सिंचाई विभाग को हस्तांतरित करने और वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ लगाने की मांग ग्रामीणों ने दायित्वधारी ऋषि कंडवाल के समक्ष रखी। पंचायत घर में आयोजित बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं के प्रस्ताव सौंपे।
उन्होंने ने कहा कि सरकार के निर्देश पर न्याय पंचायत स्तर पर जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। आमसौड़ की सिंचाई योजना वर्तमान में लघु सिंचाई विभाग के अधीन है। ग्रामीणों से लिखित प्रस्ताव मिलने पर इसे सिंचाई विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोलर फेंसिंग लगाने के साथ उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी लाभार्थी किसानों को उठानी होगी।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2024 में आमसौड़ में भूस्खलन हुआ था। तत्कालीन डीएम डॉ. आशीष चौहान के प्रयास से आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने निरीक्षण किया था। उनके सुझाव के आधार पर प्राक्कलन शासन को भेजा गया है।
ग्रामीण इंद्रमोहन जुयाल ने हाईड्रम के स्थान पर सोलर पंपिंग योजना, दुर्गा सिंह बिष्ट ने नहर मरम्मत और ओमचंद ने वन्यजीव सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की। इस दौरान अंजू देवी, रेशमा, विकास कौशिक, गौरी शंकर भंडारी आदि मौजूद रहे।