कण्वघाटी (कोटद्वार)। भाबर के चिल्लरखाल बैरियर पर लालढांग–चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग निर्माण को लेकर धरना प्रदर्शन आंदोलन बुधवार को 208वें दिन भी जारी रहा। आंदोलकारियों ने कहा कि उत्तराखंड में जगह जगह एलिवेटेड रोड बन रहे हैं।
वन्यजीवों के आवागमन के लिए अंडरपास बन रहे हैं, लेकिन लालढांग चिल्लरखाल रोड की सुध कोई लेना ही नहीं चाहता है। राज्य गठन के 25 साल बाद भी लोगों के साथ धोखा होता आया है। लालढांग चिल्लरखाल मार्ग राजनीतिक दलों के लिए राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। हालात यह हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी न होने के चलते यहां के ग्रोथ सेंटरों में नए उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। धरना देने वालों में रविन्द्र सौंद, कृपाल सिंह, नरेश धस्माना, देवी दत्त, दीपा अधिकारी, पुष्पा मेहरा, आरती अधिकारी बैठे। संवाद