पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। प्राचीन सिद्धपीठ देवी सुखरो मंदिर की व्यवस्थाएं सुचारु करने और परंपरागत पुजारियों की पुन: बहाली की मांग के लिए पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी उमेश चंद्र पांथरी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मंदिर में प्रशासक (रिसीवर) नियुक्त करने, कथित अवैध कब्जे रोकने और निष्कासित पुजारियों को सम्मानपूर्वक पूजा-पाठ का अधिकार दिलाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि मंदिर का संचालन कर रही संस्था का पंजीकरण वर्ष 2017 में समाप्त हो गया था। इसके बावजूद संस्था के लेटरहेड पर मंदिर संचालन से जुड़ी गतिविधियां जारी हैं। संस्था के चुनाव को लेकर अधिवक्ता विनोद नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिस पर नवंबर में सुनवाई प्रस्तावित होने की बात कही गई है। ज्ञापन देने वालों ने आरोप लगाया कि 26 सितंबर 2024 को जारी निषेधाज्ञा के बावजूद मंदिर परिसर में कथित रूप से अवैध नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं। साथ ही परंपरागत पुजारियों सतीश चमोली, विमल बड़थ्वाल और नरेश कोठारी को पूजा-पाठ से रोका जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की गई। इस दौरान सतीश चंद्र देवरानी, जगतराम जोशी, डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल, संदीप घिल्डियाल, महेंद्र नेगी, संजय मिश्रा, विक्रम नेगी, सरिता देवी, अंजना देवी आदि मौजूद रहे।