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गुलदार को आदमखोर घोषित करने पर जोर

Tue, 31 Jan 2017 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
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कोटद्वार। यमकेश्वर ब्लाक के डाडामंडल क्षेत्र के ग्रामीणों ने डेवराना गांव में 26 जनवरी की शाम एक बच्चे को निवाला बनाने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की है। क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में गुलदार की दहशत बनी हुई है। उधर, वन विभाग के अधिकारियों ने गुलदार को पकड़ने के लिए हरसंभव कदम उठाने की बात कही है।
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 यमकेश्वर के डेवराना गांव में हुई घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य गांवों धारकोट, ताछला, अमोला, कांडई, कचुंडा, रामजीवाला समेत किमसार न्याय पंचायत के दर्जनभर गांवों में गुलदार की दहशत बनी हुई है। आसपास के कई गांवों में गुलदार को घूमते देखा जा रहा है। डेवराना के प्रधान मुकेश देवरानी, धारकोट के प्रधान जगमोहन सिंह रावत, रामजीवाला के प्रधान सुभाष शुक्ला, दिबोगी की प्रधान सुमित्रा देवी, पूर्व प्रधान श्यामलाल कुकरेती, जिला पंचायत सदस्य मीरा रतूड़ी और हरि सिंह भंडारी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग और राज्य सरकार से गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
डेवराना की घटना के बाद से क्षेत्र में वन विभाग की पैट्रोलिंग जारी है। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगा दिए हैं। एसीएफ जीसी बेलवाल ने बताया कि चार कैमरा ट्रेप गुलदार की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए लगा दिए हैं। उन्होंने बताया कि जनाक्रोश को देखते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। बताया कि हाईकोर्ट के 19 दिसंबर के आदेश के बाद अब गुलदार को आदमखोर घोषित करने का निर्णय शासनस्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति ही ले सकती है।
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आदमखोर घोषित करने के लिए बनेगी उच्चस्तरीय कमेटी            19 दिसंबर के हाईकोर्ट के आदेश के बाद बाघ, गुलदार, तेंदुआ को आदमखोर घोषित करने के लिए अब हाईकोर्ट के निर्देशानुसार उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा।

वन्य जीवों के शवों की फोटो मीडिया में नहीं होगी प्रकाशित          
अब अखबारों और टीवी चैनलों में वन्यजीवों की शवों की फोटो प्रकाशित नहीं हो सकेगी।             
आदमखोर को मारने के लिए नहीं लगेंगे प्राइवेट शिकारी             
पूर्व में बाघ, गुलदार, तेंदुए के आदमखोर घोषित होने पर विभागीय शिकारी के अलावा विभाग प्राइवेट शिकारियों को भी हायर करता था, लेकिन, हाई कोर्ट ने प्राइवेट शिकारियों को वन्यजीवों को मारने पर पाबंदी लगा दी है।  

ग्रास्टनगंज, फारेस्ट कालोनी में घूम रहा गुलदार
अमर उजाला ब्यूूूरो
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर गुलदार आबादी क्षेत्र की ओर रुख करने लगा है। बीते दिनों भाबर क्षेत्र के दुर्गापुरी में एक घर के बाथरूम से गुलदार पकड़े जाने के बाद अब एक गुलदार ग्रास्टनगंज और फारेस्ट कालोनी के चक्कर काट रहा है। इसके कारण लोगों में भय है।
लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से सटी ग्राम पंचायत ग्रास्टनगंज और सिद्धबली के पास फारेस्ट कालोनी में शाम होते ही गुलदार धमक रहा है। सोमवार शाम को उस समय गांव में हड़कंप मच गया, जब शाम को साढ़े छह बजे रोशन लाल अपने घर के पास काम कर रहा था। उसने आंगन में किसी जानवर के चलने की आहट सुनी। पीछे मुड़कर देखा तो गुलदार उसके पास खड़ा था। गनीमत यह रही कि उसने रोशन पर हमला नहीं किया। गुलदार को देखते ही उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गुलदार भाग गया। वन विभाग की कालोनी में डीएफओ आवास और कालोनी में भी गुलदार दिखाई दे रहा है, जिसके कारण कालोनीवासी भयभीत हैं।
उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि उन्हें ग्रास्टनगंज और फारेस्ट कालोनी में गुलदार के धमकने की जानकारी नहीं है। लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी।         
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