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Kotdwar News: जीआईसी भटवाड़ी में बच्चों के सिर पर मंडरा रहा खतरा

Tue, 09 Jun 2026 05:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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वर्ष 1991 में भूकंप से ध्वस्त हुए शिक्षकों के जर्जर भवन 34 वर्षों बाद भी नहीं गिराए गए
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क्षेत्रवासियों ने विधायक और मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
उत्तरकाशी। राजकीय इंटर कॉलेज भटवाड़ी परिसर में वर्ष 1991 के भूकंप में ध्वस्त हुए शिक्षकों के जर्जर आवासीय भवन हादसे को न्योता दे रहे हैं। 34 वर्ष बीतने के बावजूद खंडहर भवनों को नहीं हटाया गया है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने विधायक और मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 1991 के भूकंप में विद्यालय परिसर स्थित शिक्षकों के आवासीय भवन क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गए थे। इसके बावजूद आज तक भवनों का ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। विद्यालय परिसर में मौजूद ये जर्जर ढांचे छात्र-छात्राओं के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
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टकनौर जिला पंचायत सदस्य सोनिका रावत और सामाजिक कार्यकर्ता केशव नौटियाल ने कहा कि विद्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में खंडहर बने भवनों का परिसर में बने रहना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल भवनों को हटाने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सीमांत क्षेत्र भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग लंबे समय से की जा रही है। प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के लिए इसी परिसर में अस्थायी रूप से 8 से 10 कक्षाओं के निर्माण की योजना है जिसे माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है।
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जर्जर भवनों के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्रहित और जनहित को देखते हुए खंडहर भवनों को तत्काल ध्वस्त कर भूमि का समतलीकरण कराया जाए।
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