गुमखाल-सतपुली के बीच दो साल से किया जा रहा चौड़ीकरण कार्य
सतपुली। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर गुमखाल-सतपुली के बीच गत दो वर्षों से चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान कई जगहों पर पहाड़ पर बोल्डर और चट्टानें लटकी हैं। इनसे कभी भी दुर्घटना का अंदेशा बना है।
गत सात दिसंबर को भी चौड़ीकरण के दौरान एक बोल्डर नीचे से गुजर रहे सतपुली-गढ़कोट-चाई मोटर मार्ग पर एक वाहन पर जा गिरा। बोल्डर की चपेट में आकर ओडलसैंण, सतपुली निवासी वाहन स्वामी/चालक रविंद्र सिंह (38) पुत्र जगत सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
घटना के अलावा हाईवे पर सतपुली-गुमखाल के बीच और सतपुली-दंगलेश्वर-रैतपुर मोटर मार्ग पर दर्जनों ग्रामीण व वाहन सड़क चौड़ीकरण के लटके मलबे एवं बोल्डरों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों की ओर से चौड़ीकरण में जुटी कंपनी के प्रतिनिधियों से सुरक्षित तरीके से मार्ग का चौड़ीकरण किए जाने की मांग की जाती रही है।
पोस्टमार्टम के बाद श्रीकांत का शव किया परिजनों के सुपुर्द
घायलों को उपचार के लिए परिजन ले गए हायर सेंटर, पुलिस को नहीं सौंपी तहरीर
सतपुली। पहाड़ से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से मरे व्यक्ति का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, एक घायल को एम्स ऋषिकेश और दूसरे को दिल्ली ले जाया गया है।
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर गुमखाल से सतपुली के बीच सतपुली मल्ली क्षेत्र में रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे पहाड़ से एक बोल्डर वाहन पर गिर गया था। वाहन के आगे बैठे केरल निवासी श्रीकांत (45) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी जबकि सरनजीत एवं उदय गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने श्रीकांत का शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने के साथ ही घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया था।
सोमवार को मृतक श्रीकांत के परिजन कोटद्वार पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गाजियाबाद रवाना हो गए। वहीं, दुर्घटना में घायल हुए उदय सिंह को परिजन एम्स ऋषिकेश व दूसरे घायल सरनजीत को परिजन उपचार के लिए दिल्ली ले गए। पुलिस के अनुसार मामले में मृतक व घायलों के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।