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वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड में तीन माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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कोटद्वार। कोटद्वार के बहुचर्चित वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड का तीन महीने बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। 13 सितंबर को दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड की जांच कोटद्वार पुलिस और जिले की क्राइम इन्वेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) के साथ ही राज्य की एसटीएफ भी कर रही है। इस हत्याकांड को इतने पेशेवर ढंग से अंजाम दिया गया है कि पुलिस के विवेचना अधिकारी और एसटीएफ की जांच टीम शूटरों तक नहीं पहुंच पा रही है। कोटद्वार पुलिस के साथ ही एसटीएफ के लिए यह हत्याकांड चुनौती बन गया है। अब पुलिस की निगाह पांच नामजद आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट पर लगी है। बुधवार तड़के कोटद्वार पुलिस की टीम लाई डिटेक्टर के लिए दिल्ली रवाना होगी।
इस साल 13 सितंबर को कोटद्वार के हरसिंगपुर में दिनदहाड़े वकील सुशील रघुवंशी की उनके घर के सामने दो बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घायल अवस्था में वकील ने पांच लोगों पर उनकी हत्या का संदेह जताते हुए पुलिस में बयान दर्ज कराए थे। परिजनों की ओर से इस मामले में दर्ज कराए गए मुकदमे में इन पांचों लोगों को नामजद कराया गया था। हत्याकांड के तीन महीने बाद भी कोटद्वार पुलिस, सीआईयू और एसटीएफ हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है। सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की जांच अब तक पुलिस टीम को उलझाती नजर आ रही है। जैसे ही जांच टीमों को आगे बढ़ने पर कुछ उम्मीद की किरणें नजर आती है, वैसे ही वे जांच में गोल-गोल घूमकर फिर से वहीं पर आ जाते हैं, जहां से जांच प्रारंभ की जाती है।
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कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि हत्याकांड में नामजद विनोद लाला, अमर सिंह, नवीन, बृजेश बेबनी और डब्बू को कोर्ट के आदेश पर लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली सीबीआई लैब ले जाएगी। सीबीआई की ओर से लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए 14 और 15 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है।
एएसपी डा. हरीश वर्मा का कहना है कि पुलिस की ओर से इस मामले की कई एंगल पर जांच चल रही है। सीआईयू और कोतवाली पुलिस की कई टीमें इसमें लगी हैं।
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