दुगड्डा/कोटद्वार। विकासखंड दुगड्डा के ऐता गांव निवासी एक व्यक्ति के खाते से 15 हजार रुपये उड़ा लिए। खाताधारक को पैसे निकलने का पता तब चला, जब उनके फोन पर इसका मैसेज आया। मैसेज आते ही खाताधारक बैंक पहुंचा और खाते में ट्रांजेक्शन बंद कराया, लेकिन तब तक उनके खाते से पूरी रकम निकल चुुुकी थी। पीड़ित की ओर से बैंक प्रबंधक को घटनाक्रम की जानकारी दी गई।
दुगड्डा के पास ऐता गांव निवासी सूरज प्रकाश का एसबीआई दुगड्डा में खाता है। बुधवार सुबह करीब दस बजे उनके फोन पर एक महिला का फोन आया, जो अपने को स्टेट बैंक की सीनियर अधिकारी बता रही थी। फर्जी बैंक अधिकारी बनी महिला ने खातेधारक से एटीएम की डिटेल के साथ ही उनके फोन पर आए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की जानकारी हासिल की। जैसे ही ओटीपी नंबर बताया, वैसे ही उनके खाते से दस हजार रुपये निकल गए। जैसे ही सूरज प्रकाश बैंक दौड़े, रास्ते में उनके खाते से अवशेष पांच हजार रुपये निकलने का मैसेज भी आ गया। उन्होंने पूरा घटनाक्रम शाखा प्रबंधक चंद्र सिंह कुंवर को बताया। प्रबंधक ने खाते के ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी। प्रबंधक चंद्र सिंह कुंवर ने बताया कि कोई भी बैंक फोन कर खाते या एटीएम की जानकारी नहीं लेता। कई घटनाओं के बावजूद खाताधारक धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने खाते की जानकारी मोबाइल फोन पर कतई न दें। कम से कम पासवर्ड जैसी बात तो किसी को नहीं बतानी चाहिए।
साइबर क्राइम की हाल की घटनाएं
14 जुलाई-सेंधीखाल के बिलासू गांव निवासी पूर्व सैनिक मेहरबान सिंह चौहान के खाते से दो दिन में 78 हजार रुपये निकाले।
15 जुलाई-कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव निवासी नसीम अहमद पुत्र एजाज अहमद के बैंक खाते से 20 हजार रुपये उड़ाए।