गढ़वाल मंडल के सहकारी दुग्ध संघों (डेरी) को राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को हस्तांतरित करने की योजना है। ताकि राज्य में डेरी का विकास हो सके।
वहीं, गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेरी) के कर्मचारियों के वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) पर भी फैसला हो गया है। कर्मचारियों के वीआरएस लेने पर आवश्यक धनराशि उत्तराखंड सरकार उपलब्ध कराएगी। कर्मचारियों ने निर्णय का स्वागत किया है।
बता दें कि गढ़वाल मंडल की श्रीनगर सहित अन्य डेरी लंबे समय से घाटे में चल रही है, जिससे इनके बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। बीती तीन फरवरी को उत्तराखंड सरकार और एनडीडीबी के अधिकारियों के मध्य मसले और अन्य दुग्धशालाओं के विकास पर चर्चा हुई।
बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में अपर मुख्य सचिव डा. रणवीर सिंह ने डेरी विकास संघ के निदेशक को पत्र भेजकर दुग्ध उत्पादक संघ हरिद्वार, देहरादून और गढ़वाल मंडल की अन्य दुग्धशालाओं का हस्तांतरण एनडीडीबी को करने संबंधी प्रस्ताव को संबंधित दुग्ध संघों के बोर्ड में पारित करवाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गढ़वाल दुग्ध उत्पादक संघ कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा और महासचिव ने शासन के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे बेहतर कदम बताया।