कांग्रेस सेवादल की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडाई गांव की बहादुर बच्ची राखी को फूल मालाओं और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। गत चार अक्तूबर को राखी ने गुलदार के हमले से अपने छोटे भाई की जान बचाई थी और खुद घायल हो गई थी।
बदरीनाथ मार्ग स्थित एंबिएंस होटल में आयोजित सम्मान समारोह में शहर के गणमान्य लोगों ने 11 वर्षीय राखी रावत को फूल मालाओं के साथ सम्मानित किया। पदाधिकारियों ने राखी उसके परिजनों को भी सम्मानित किया। राखी को उसकी बहादुरी के लिए 21 हजार रुपये की नगद धनराशि और जैकेट भेंट की। कहा कि प्रदेश में जंगली जानवरों के आतंक और लचर स्वास्थ्य सुविधा पर सरकार आंखें मूंदे हुई है। गांव में गुलदार सरेआम घूम रहे हैं, वे आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। वन्यजीवों को आबादी, खेत खलिहानों में घुसने से रोकने के लिए भाजपा सरकार के पास कोई योजना नहीं है। वन्यजीवों का आतंक भी गांव से पलायन का बड़ा कारण बन रहा है। बहादुर बच्ची राखी का कोटद्वार के बेस अस्पताल में समुचित इलाज नहीं मिलना भी सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल रही है। बेस अस्पताल भी रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। उन्होंने बहादुर बच्ची राखी रावत की वीरता की प्रशंसा करते हुए प्रदेश सरकार से उसे 20 लाख रुपये की धनराशि देने और उसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिलाने की मांग की। इस अवसर पर विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा, कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष राकेश शर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता नेगी, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजय पंत, किशन पंवार, वीरेंद्र पाल बिष्ट, बृजेंद्र नेेगी, तेजपाल पटवाल, प्रेम सिंह पयाल, प्रवेश रावत, अंकुर भंडारी, देवेंद्र भट्ट, आशुतोष कंडवाल, सुनील खत्री, साजन रावत, अतुल नेगी, सौरभ पांडे, रजनीश रावत, विक्रम सिंह, राखी की दादी बिमला देवी, पिता दलवीर सिंह, माता शालिनी देवी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।