उक्रांद (पी) की दो दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में राज्य में राष्ट्रपति शासन का स्वागत किया गया। दल के नेताओं का कहना था कि भाजपा व कांग्रेस ने राज्य को भ्रष्टाचारियों व माफियाओं का अड्डा बना दिया था।
रविवार को केंद्रीय कार्य समिति की बैठक के पहले दिन 21 प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें राज्य में शिक्षा, सड़क व स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 100 यूनिट बिजली प्रतिमाह मुफ्त देने, कौशिक समिति के आधार पर परिसंपत्तियों का बंटवारा, जिला पंचायत व ब्लाक प्रमुखों का सीधा चुनाव, गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए पर्वतीय उद्योग नीति तैयार करने सहित कई अन्य मांगे शामिल हैं।
उक्रांद नेताओं ने राज्यपाल से केदारनाथ और उत्तरकाशी आपदा घोटालों की जांच करने की भी मांग की। साथ ही आपदाओं में खर्च हुई धनराशि पर श्वेत पत्र जारी करने का प्रस्ताव पारित किया गया। दल के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने दल से छिटक कर अलग हुए कार्यकर्ताओं व क्षेत्रीय भावनाओं की सोच रखने वाले दलों से एकजुट होने की अपील की। बैठक में प्रेमदत्त नौटियाल, मदन मोहन नौटियाल, एसपी पुरोहित, आशुतोष पुरी, लताफत हुसैन, पीसी जोशी, एनके गुसाईं, रेखा मियां, भगवती प्रसाद बहुगुणा, जयदीप भट्ट, सुरेंद्र दत्त पेटवाल, अरुण शाह, सोहनपाल सिंह पंवार, गणेश भट्ट आदि मौजूद थे।