कोटद्वार। निराश्रित गोवंशी के संरक्षण में प्रशासन को सफलता नहीं मिल सकी है। जिसका खामियाजा राहगीरों और क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार को बेस अस्पताल के नजदीक दो सांड आपस में भिड़ गए। इस दौरान कुछ देर सड़क से आवागमन बाधित रहा। वहीं सांडों की चपेट में आने वाले वाहन और दुकानों के बाहर रखा सामान क्षतिग्रस्त हुआ।
सड़कों पर भटकने वाले निराश्रित गोवंशी आमजन के लिए सिरदर्द और प्रशासन के लिए गले की फांस बने हैं। काफी समय से निराश्रित गोवंशी को नंदीशाला में संरक्षित कर आम जन को इनसे मुक्ति दिलाने की बात कही जा रही है, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। सड़कों के बीचोंबीच बैठे गोवंशी यातायात में बाधा तो बन ही रहे हैं, इनसे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। वहीं, शनिवार दोपहर बेस अस्पताल और टाटा मोटर्स के बीच दो सांडों के बीच करीब आधे घंटे तक भिड़ंत चली। दोनों ने जमकर उत्पात मचाया।
इस दौरान कई बार सड़क से आवागमन अवरुद्ध हुआ। दोनों के बीच टकराव इतना जबरदस्त था कि उनकी चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानों के बाहर रखा सामान बिखर गया। कुछ राहगीर इनकी जद में आने से बाल-बाल बचे। आसपास मौजूद दुकानदारों ने इन्हें खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और तहसील प्रशासन से दिनोंदिन विकट होती समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
.
नगर निगम की ओर से उत्तरी झंडीचौड़ में नंदीशाला बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। नंदीशाला बनने के बाद इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
-शैलेंद्र सिंह रावत, मेयर कोटद्वार